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ऑपरेशन कॉलेज लाइफ

अध्याय 1: "ऑपरेशन कॉलेज लाइफ"

सुबह के छह बजे थे जब मेजर अदवैत राठौर ने सेंट जेवियर्स कॉलेज के मेन गेट के सामने टैक्सी से उतरकर अपने आसपास का जायज़ा लिया। उसकी नज़रें तेज़ और सतर्क थीं - बिल्कुल वैसी जैसी एक सैनिक की होनी चाहिए। लेकिन आज वो सैनिक नहीं, एक साधारण कॉलेज स्टूडेंट बनना था।

समस्या यह थी कि अदवैत को "साधारण" होना बिल्कुल नहीं आता था।

उसने अपने कपड़ों को देखा - एक बार फिर। नीली जींस (बिल्कुल प्रेस की हुई, sharp crease के साथ), सफेद टी-शर्ट (इतनी साफ़ कि चमक रही थी), और ब्रांडेड स्नीकर्स (जिन्हें उसने कल रात तीन बार पॉलिश किया था)। उसके हैंडलर, कर्नल वर्मा ने कहा था - "casual दिखो।"

ये casual था क्या?

"भैया, सामान उतार दूं?" टैक्सी ड्राइवर ने पूछा।

"हां, प्लीज़," अदवैत ने कहा और अपना बैग खुद उठाने के लिए झुका। एक छोटा डफल बैग - उसमें सिर्फ़ ज़रूरी सामान। तीन जोड़ी कपड़े (सब नए, सब टैग के साथ), टॉयलेटरीज़, और एक लैपटॉप। बाकी सब कुछ उसकी ट्रेनिंग थी - और वो किसी बैग में नहीं आती।

गेट पर सिक्योरिटी गार्ड ने उसे देखा। अदवैत की पहली instinct थी सलाम करने की। उसने आखिरी मोमेंट पर खुद को रोका और सिर्फ हाथ हिलाया।

"नए हो क्या?" गार्ड ने पूछा, उसकी आंखों में मुस्कराहट थी।

"जी हां, अंकल। आज पहला दिन है," अदवैत ने कहा, अपनी आवाज़ में थोड़ी nervousness लाने की कोशिश करते हुए।

"सीधे जाओ, लेफ्ट लो। एडमिन ब्लॉक मिलेगा। वहां से होस्टल का रास्ता पूछ लेना।"

"थैंक यू, सर।"

शब्द मुंह से निकलते ही अदवैत को एहसास हुआ - गलती हो गई। कौन सा स्टूडेंट सिक्योरिटी गार्ड को 'सर' बुलाता है?

गार्ड ने हंसते हुए कहा, "अरे, सर-विर मत बोलो। मैं तो बस राजू हूं। आर्मी में थे क्या पहले?"

अदवैत का दिल एक पल को रुका।

"नहीं-नहीं," उसने जल्दी से कहा। "बस... घर पर यही सिखाया है। इज़्ज़त देना।"

राजू ने उसे एक लम्बी नज़र से देखा, फिर सिर हिलाकर गेट खोल दिया। "अच्छे संस्कार हैं तुम्हारे। जाओ, बेटा। ऑल द बेस्ट।"

अदवैत ने राहत की सांस ली। पहले पांच मिनट में ही लगभग अपना कवर उड़ा दिया था।

सेंट जेवियर्स कॉलेज उत्तर भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक था। ब्रिटिश ज़माने की इमारतें, बड़े-बड़े पेड़, और हरी-भरी घास के मैदान। सुबह की धूप में पूरा कैंपस सोने की तरह चमक रहा था।

अदवैत धीरे-धीरे चलते हुए हर चीज़ को observe कर रहा था। पुरानी इमारत के पीछे छुपने की कितनी जगहें हैं। सिक्योरिटी कैमरे किन-किन कोनों में लगे हैं। इमरजेंसी एग्जिट कहां हैं।

एक लड़की जॉगिंग करते हुए उसके पास से गुज़री - पोनीटेल, स्पोर्ट्स ब्रा, और इयरफोन्स। उसने अदवैत को देखा और मुस्कुराकर wave किया। अदवैत ने अजीब से तरीके से हाथ हिलाया वापस।

'Normal बनो,' उसने खुद को दिमाग में समझाया। 'तुम एक 23 साल के अमीर बिजनेसमैन के बेटे हो। MBA करने आए हो। Army के Captain नहीं हो अभी।'

एडमिन ब्लॉक के बाहर पहले से कुछ students थे। कुछ cigarette पी रहे थे, कुछ अपने फोन में घुसे थे, कुछ आपस में बातें कर रहे थे।

"यार, summer break इतनी जल्दी खत्म कैसे हो गई?" एक लड़का शिकायत कर रहा था।

"अबे, होने दे। इस सेमेस्टर business strategy है। Professor Mehra पढ़ाते हैं - terror है बंदा," दूसरे ने कहा।

अदवैत ने mental note बनाया। Professor Mehra। उसकी लिस्ट में यह नाम था - possible suspect।

"Excuse me," एक आवाज़ आई।

अदवैत घूमा। एक छोटा सा लड़का, बड़े-बड़े चश्मे में, नर्वस लग रहा था।

"हां?" अदवैत ने पूछा।

"आप भी MBA first year में हो क्या? मतलब... नए लग रहे हो।"

"हां, पहला दिन है।"

"मैं भी! मेरा नाम राहुल है। राहुल वर्मा। तुम?"

"अदवैत। अदवैत राठौर।"

उन्होंने हाथ मिलाया। राहुल की पकड़ कमज़ोर थी, हाथ पसीने से भरे थे।

"नर्वस हो?" अदवैत ने पूछा।

"बहुत! पहला दिन है ना। और सुना है यहां seniors बहुत ragging करते हैं।" राहुल की आवाज़ में डर साफ़ था।

अदवैत ने मुस्कुराने की कोशिश की। "Don't worry। सब ठीक होगा।"

वो खुद से कह रहा था या राहुल से, ये साफ़ नहीं था।

एडमिन ब्लॉक का दरवाज़ा ठीक नौ बजे खुला। एक सख्त चेहरे वाली औरत बाहर आई - Mrs. Kapoor, जैसा कि उसके नेमप्लेट पर लिखा था।

"First year MBA students, इधर आओ। एक लाइन में खड़े हो जाओ। और हां, मोबाइल फोन बाहर निकालो।"

"क्यों, मैम?" किसी ने पूछा।

"Attendance के लिए QR code scan करना होगा। Welcome to modern education।" उसने एक tired मुस्कान दी।

लाइन लगने लगी। अदवैत ने गिनती की - करीब पचास students। लड़के-लड़कियां दोनों। कुछ confident लग रहे थे, कुछ राहुल की तरह nervous।

अचानक, पीछे से एक तेज़ आवाज़ आई।

"अबे हट, भाई। मुझे जल्दी है।"

अदवैत ने पीछे मुड़कर देखा। एक लंबा, चौड़े कंधों वाला लड़का - gym body, फटी हुई जींस, और टैंक टॉप में। उसके पीछे दो और लड़के थे, बिल्कुल उसकी कॉपी की तरह।

"लाइन में खड़े हो, bro," अदवैत ने शांति से कहा।

लड़के ने उसे ऊपर से नीचे देखा। "तू नया है ना? पहले दिन से hero बनने का नाटक मत कर।"

राहुल ने अदवैत की बांह पकड़ ली। "छोड़ दो, भाई। ये seniors हैं।"

"Seniors या नहीं, लाइन तो सबकी एक ही है," अदवैत ने कहा, अपनी जगह से नहीं हिलते हुए।

लड़के ने एक कदम आगे बढ़ाया। "तेरा नाम क्या है?"

"अदवैत राठौर।"

"ठीक है, अदवैत राठौर। याद रख लिया। मिलते हैं फिर।" उसने एक threatening मुस्कान दी और लाइन के आखिर में चला गया।

राहुल ने सांस छोड़ी। "यार, पहले दिन से seniors से पंगा ले लिया?"

"वो galat था," अदवैत ने simply कहा।

अंदर जाने पर, उन्हें एक बड़े हॉल में बिठाया गया। Dean ने welcome speech दिया - boring और लंबी। फिर timetable distribute किए गए, hostel room numbers दिए गए, और कैंपस की basic rules समझाई गईं।

अदवैत का hostel room number था - B-307। Third floor।

"तुम्हारा कौन सा रूम है?" उसने राहुल से पूछा।

"B-212। Second floor। पर roommate कौन है, ये तो जाकर पता चलेगा।"

Documents submission के बाद, सब students धीरे-धीरे hostel की तरफ बढ़े। Boys' hostel एक पुरानी लेकिन अच्छी तरह से maintained इमारत थी। चार मंज़िल, हर floor पर करीब बीस rooms।

अदवैत तीसरी मंज़िल पर पहुंचा। B-307 का दरवाज़ा आधा खुला था। अंदर से loud music आ रही थी - कोई Punjabi rap गाना।

उसने दरवाज़ा खटखटाया। कोई जवाब नहीं। फिर से खटखटाया।

"अंदर आ जा, यार! दरवाज़ा खुला है!" एक चीख़ती हुई आवाज़ आई music के ऊपर से।

अदवैत ने दरवाज़ा पूरा खोला और अंदर कदम रखा।

कमरा... एक disaster zone था। कपड़े हर जगह फेंके हुए। बिस्तर पर chips के खाली packets। फर्श पर gym equipment। और बीच में, अपनी कमीज़ उतारे, आईने के सामने flex करता हुआ - एक लड़का।

उसने अदवैत को आईने में देखा और घूमकर एक चौड़ी मुस्कान दी।

"अरे! तू मेरा नया roommate है? Welcome, bro!" उसने हाथ बढ़ाया। "मैं करण हूं। करण मल्होत्रा।"

अदवैत ने उसका हाथ मिलाया। करण की पकड़ मज़बूत थी, confident।

"अदवैत राठौर," उसने अपना परिचय दिया।

"अच्छा नाम है। बहुत... serious type। तू serious type है क्या?" करण ने उसे scan किया। "Army background?"

अदवैत चौंक गया। "क्यों ऐसा लग रहा है?"

"अबे, देख तो - तेरी posture, तेरा बैग पैक करने का तरीका, और ये देख," करण ने अदवैत की जींस की तरफ इशारा किया, "किसने jeans प्रेस की है, भाई? College में कोई jeans प्रेस करता है क्या?"

अदवैत ने अपनी जींस को देखा। Damn। फिर से slip-up।

"नहीं, यार। बस... mummy ने pack किया था। Very particular हैं," उसने झूठ बोला।

करण ने हंसते हुए कहा, "Cute। Anyway, मुझे फर्क नहीं पड़ता। बस ये बता - तू party करता है? Drinks? Girls?"

"मैं... normal हूं," अदवैत ने carefully कहा।

"Normal मतलब boring?" करण ने एक eyebrow raise किया।

"Normal मतलब... balanced।"

"Hmm। Okay। Well, मैं bilkul balanced नहीं हूं। So we'll make a good team!" करण ने ज़ोर से हंसा और music थोड़ी कम कर दी। "Chal, अपना सामान रख। Left side का bed तेरा। Right side मेरा। Bathroom share करेंगे। और हां - सुबह मैं gym जाता हूं, so अगर तू सोना चाहे तो headphones पहन लेना।"

अदवैत ने अपना बैग left side के bed पर रखा। करण उसे देख रहा था, जैसे किसी interesting specimen को observe कर रहा हो।

"तो, अदवैत राठौर, MBA क्यों? Family business?"

"हां, कुछ ऐसा ही। Father चाहते हैं कि properly पढ़ाई करूं before joining the company।"

"Same, bro! Mere papa का construction business है। लेकिन honestly, mujhe MBA se ज़्यादा college life enjoy करनी है। Girls, parties, freedom - you know!" करण ने wink किया।

अदवैत ने एक polite मुस्कान दी। उसका mission यहां बिल्कुल अलग था।

"Vaise," करण ने कहा, "पहले दिन का welcome होना चाहिए। चल, canteen चलते हैं। मैं तुझे campus tour दूंगा। And kal se classes start होंगी, so aaj आराम से घूम लेते हैं।"

"Sounds good," अदवैत ने कहा। Actually, यह perfect था। Campus को properly explore करने का मौका।

दोनों hostel से बाहर निकले। रास्ते में करण लगातार बात कर रहा था - किस professor से बचना है, कौन सा canteen food best है, कहां सबसे सस्ती cigarettes मिलती हैं, और कौन सी seniors लड़कियां "approachable" हैं।

अदवैत सुन रहा था, लेकिन उसका दिमाग कहीं और था। उसे अपने mission की details याद आ रही थीं।

Intelligence Input: सेंट जेवियर्स कॉलेज के through एक major terror funding network operate कर रहा है। Money laundering हो रहा है foreign students के through। Possible suspects - कुछ faculty members और admin staff।

Mission: Network को identify करना। Evidence collect करना। लेकिन किसी को शक नहीं होना चाहिए।

Timeline: Maximum तीन महीने।

Cover: Rajat Industries के owner के बेटे, Advait Rathore। MBA student।

Canteen एक बड़ी, खुली जगह थी। लकड़ी की बेंचें, colorful posters, और खाने की खुशबू। Students के groups बैठे थे - हंसते, बातें करते, कुछ पढ़ाई करते।

"Masterji!" करण ने ज़ोर से चिल्लाया। एक बूढ़े आदमी ने, जो छोटी सी chai की stall चला रहे थे, हाथ हिलाया।

"करण बेटा! वापस आ गया? Summer break कैसा रहा?"

"Awesome, Masterji! ये देखो, मेरा नया roommate - अदवैत।"

Masterji ने अदवैत को देखा - एक penetrating नज़र। ऐसा लगा जैसे वो उसकी आत्मा तक देख रहे हैं।

"राठौर?" Masterji ने पूछा।

"हां, अंकल," अदवैत ने कहा।

"Rajasthan से हो?"

"Family originally वहीं से है। आप कैसे जानते हैं?"

Masterji मुस्कुराए। "Maine bahut kuch dekha hai, beta। बहुत लोग आए-गए। Chai पीओगे?"

"जी, ज़रूर।"

Masterji ने दो cutting chai बनाई - perfect color, perfect खुशबू।

"Masterji," करण ने कहा, "इसे college के बारे में sab kuch bata do। Tumse better कौन guide करेगा?"

"Guide?" Masterji ने हंसा। "मैं तो बस chai बनाता हूं। लेकिन हां, एक बात बता दूं - इस college में सब कुछ दिखता जैसा नहीं होता। Careful रहना।"

अदवैत ने उन्हें ध्यान से देखा। क्या यह simple advice थी या कुछ और?

"Masterji philosophy बहुत झाड़ते हैं," करण ने हंसते हुए कहा। "Chai पियो और enjoy करो, bro।"

Chai सच में बहुत अच्छी थी। अदवैत ने धीरे-धीरे पी, campus को observe करते हुए।

तभी उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी।

वो canteen के दूसरे corner में बैठी थी, laptop पर कुछ काम कर रही थी। लंबे काले बाल, sharp features, और एक ऐसा focus जो बाकी सब से अलग था। उसके चारों तरफ शोर था, लेकिन वो बिल्कुल अपनी दुनिया में थी।

"Wow," करण ने whisper किया, अदवैत की नज़र follow करते हुए। "Good choice, bro। वो Inaya Sharma है। Second year। MBA।"

"मैं सिर्फ देख रहा था—"

"हां, हां, सब यही कहते हैं। लेकिन seriously, उससे दूर रहना। Ice Queen बुलाते हैं सब। Bahut smart, bahut beautiful, लेकिन किसी से baat nahi karti। Already पांच लड़कों को reject कर चुकी है।"

अदवैत ने फिर से उस लड़की की तरफ देखा। Inaya ने अपनी screen पर कुछ type किया, फिर अपनी chai उठाई। उसके movements precise थे, calculated।

जैसे उसे पता था कि कोई उसे देख रहा है।

और अचानक, उसने ऊपर देखा।

उनकी नज़रें मिलीं। सिर्फ एक second के लिए।

उसकी आंखें dark brown थीं, और उनमें कुछ ऐसा था जो अदवैत को uncomfortable कर गया। जैसे वो भी उसे analyze कर रही हो।

फिर उसने अपनी नज़रें हटा लीं और वापस अपने laptop पर focus किया।

"Dekha?" करण ने कहा। "Bilkul interest nahi। Anyway, forget her। और भी bahut options हैं। चल, मैं तुझे sports complex दिखाता हूं।"

लेकिन अदवैत का mind अब भी उस एक second की eye contact पर अटका था।

कुछ था। कुछ off था।

वो लड़की normal college student नहीं लग रही थी।

बिल्कुल वैसे ही जैसे वो खुद normal college student नहीं था।

'Stop overthinking,' उसने खुद को कहा। 'सब suspicious नहीं होते।'

लेकिन उसकी training ने उसे एक चीज़ सिखाई थी - instincts को कभी ignore मत करो।

और उसकी instincts कह रही थीं - Inaya Sharma के बारे में कुछ तो ज़रूर है।

शाम तक अदवैत ने पूरा campus घूम लिया था। Library (तीन floors, multiple exits), Sports complex (gym, swimming pool, courts), Academic blocks (5 buildings, interconnected), और hostel areas (boys' और girls' separate, लेकिन common areas में mixing)।

उसने mental map बना लिया था। Emergency situations में काम आएगा।

रात को, जब करण अपने दोस्तों के साथ बाहर party करने गया, अदवैत ने अपना encrypted phone निकाला। एक message भेजा:

"Day 1 complete। Cover stable। Initial reconnaissance done। No immediate threats detected। Will continue observation।"

Reply आया तीन minutes में:

"Good। Stay alert। Remember - trust no one।"

अदवैत ने phone बंद किया और खिड़की के बाहर देखा। Campus रात में बिल्कुल अलग लग रहा था - lights, shadows, और secrets।

कहीं इन्हीं shadows में, उसका mission छुपा था।

और शायद, उस Ice Queen में भी कुछ छुपा था।

लेकिन अभी के लिए, उसे बस एक normal college student बनना था।

Mission Day 1: Complete।

[अध्याय 1 समाप्त]

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🖤 RavenSoul – Author Persona Description Pen Name: RavenSoul Genre: Dark Romance • Psychological Thriller • College Mystery • Power Couple Stories Bio / Description: RavenSoul writes where love meets strategy and silence speaks louder than words. Her stories are a blend of mystery, power, and intense romance, featuring strong, confident female leads and silent, composed male leads. Every novel is an exploration of control, passion, and psychological intensity, taking readers into a world where bonding becomes a weapon and love is never simple. Signature Themes: Dark romance with a slow-burn intensity Strong, dominant female leads (FL) Silent, mysterious, yet loyal male leads (ML) Psychological tension, suspense, and strategic mind games College / young adult setting with secret identities and hidden power dynamics Deep, emotional connections that feel both dangerous and irresistible Perfect for readers who love: Twisted, dark romance like Twisted Series or Haunting Adeline Mysterious

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🖤 RavenSoul – Author of SOVEREIGN Where love is strategy and silence is power ♟️ Dark Romance • Psychological Thriller • Power Couples • College Mystery Stories with strong, confident female leads and silent, composed male leads Every bond is intense, every emotion calculated, every love dangerously captivating. #RavenSoulWrites #SovereignNovel #DarkRomance #PowerCouple